Anti Corruption Team : वाराणसी: उत्तर प्रदेश की एंटी करप्शन टीम ने वाराणसी के कैंट थाने में तैनात उर्दू अनुवादक अब्दुल रहमान अंसारी को 20 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से रिश्वत की रकम भी बरामद की गई। शिकायत मिलने के बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाकर यह कार्रवाई की।
Anti Corruption Team : गुंडा एक्ट की कार्रवाई रोकने के नाम पर मांगी थी घूस
Anti Corruption Team : एंटी करप्शन वाराणसी मंडल के प्रभारी नीरज कुमार सिंह के अनुसार, शिकायतकर्ता शाह मोहम्मद शारीक ने लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया था कि उनके खिलाफ कैंट थाने में दर्ज मामलों की सुनवाई न्यायालय में चल रही है। इसी दौरान उर्दू अनुवादक अब्दुल रहमान अंसारी ने उन्हें बुलाकर कथित तौर पर कहा कि उनके खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई की तैयारी हो रही है और रिपोर्ट तैयार कराने की प्रक्रिया उनके हाथ में है।

Anti Corruption Team : शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने गुंडा एक्ट की कार्रवाई रुकवाने और दर्ज अन्य एनसीआर मामलों में राहत दिलाने के नाम पर 20 हजार रुपये की मांग की थी।
Anti Corruption Team : शिकायत की पुष्टि के बाद एंटी करप्शन टीम ने 17 जुलाई की शाम लगभग 5:30 बजे वाराणसी स्थित जेएचवी मॉल के एक रेस्टोरेंट में जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये लिए, टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ लालपुर-पांडेयपुर थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत विधिक कार्रवाई की जा रही है।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि अब्दुल रहमान अंसारी पिछले करीब 10 वर्षों से लोगों को कार्रवाई का डर दिखाकर नकदी और अन्य सामान की अवैध वसूली करता रहा है। हालांकि, इन अतिरिक्त आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी। जानकारी के अनुसार, अब्दुल रहमान अंसारी मूल रूप से जौनपुर जिले के रहने वाले हैं। उनकी नियुक्ति वर्ष 1995 में उर्दू अनुवादक के पद पर हुई थी और वे 31 जुलाई को सेवानिवृत्त होने वाले थे।
