The Corruption File | विशेष पड़ताल
10 Big Bribery Scandals : नई दिल्ली, देश के सरकारी विभागों के दफ्तरों में रिश्वतखोरी, घूसखोरी, भ्रष्टाचार के मामले अक्सर कुछ हजार रुपये से शुरू होते हैं, लेकिन कई मामलों में जांच एजेंसियों के सामने करोड़ों रुपये के कथित लेनदेन की तस्वीर सामने आई है। पिछले 5 सालों में भारतीय रेलवे, नेशनल हाईवे, प्राधिकरण, बिजली क्षेत्र, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, सीमा शुल्क और पुलिस से जुड़े कई चर्चित मामलों में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानि CBI और राज्यों के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानि ACB ने कड़ा एक्शन लिया है।

यहां 2021 से अक्टूबर 2026 तक के दस प्रमुख मामलों का विवरण है, जिनमें कथित रिश्वत की रकम, पद और जांच के दायरे ने खास ध्यान खींचा।

Table of Contents

10 Big Bribery Scandals : 1. दिल्ली पुलिस इंस्पेक्टर पर एक करोड़ रुपये की रिश्वत का आरोप

तारीख: 10 जून 2026 | राज्य: दिल्ली/पुडुचेरी | विभाग: दिल्ली पुलिस | एजेंसी: CBI

पुडुचेरी में एक कथित नकली दवा रैकेट की जांच से जुड़े मामले में CBI ने दिल्ली पुलिस के एक इंस्पेक्टर को कथित तौर पर एक करोड़ रुपये की रिश्वत स्वीकार करने के आरोप में गिरफ्तार किया। रिपोर्ट के अनुसार, यह रकम लगभग 5,000 करोड़ रुपये के नकली दवा रैकेट के मुख्य आरोपी से ली गई थी। जांच एजेंसी एक वरिष्ठ लोकसेवक की कथित भूमिका की भी पड़ताल कर रही थी। मामले में आरोपों की न्यायिक पुष्टि होना बाकी है।

10 Big Bribery Scandals : 2. राजस्थान में विधायक 20 लाख रुपये लेते गिरफ्तार

तारीख: 4 मई 2025 | राज्य: राजस्थान | क्षेत्र: राजनीति एवं खनन | एजेंसी: ACB

राजस्थान में भारत आदिवासी पार्टी के विधायक जयकृष्ण पटेल को ACB ने कथित तौर पर 20 लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। शिकायत के मुताबिक, खनन पट्टों से जुड़े विधानसभा सवाल वापस लेने के बदले दो करोड़ रुपये मांगे जाने का आरोप था। एजेंसी ने शिकायत के आधार पर जाल बिछाया और कथित तौर पर पहली किस्त लेते समय कार्रवाई की।

10 Big Bribery Scandals : 3. मुंबई में कस्टम अधिकारी 10.20 लाख रुपये लेते गिरफ्तार

तारीख: 2 अगस्त 2025 | राज्य: महाराष्ट्र | विभाग: सीमा शुल्क | एजेंसी: CBI
मुंबई के सहर एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स में तैनात कस्टम सुपरिंटेंडेंट को CBI ने कथित तौर पर 10.20 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। सरकारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आयातित सामान की क्लीयरेंस में सुविधा देने के बदले रिश्वत मांगे जाने का आरोप था। शिकायत में वरिष्ठ अधिकारियों के लिए भी रकम मांगे जाने की बात कही गई। मामले में आगे की जांच शुरू की गई।

10 Big Bribery Scandals : 4. मुंबई में आयकर अधिकारी चार लाख रुपये लेते गिरफ्तार

तारीख: 2 मई 2024 | राज्य: महाराष्ट्र | विभाग: आयकर | एजेंसी: CBI

मुंबई में CBI ने एक आयकर अधिकारी को चार लाख रुपये की कथित रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। आरोप था कि अधिकारी ने संपत्ति की बिक्री से संबंधित कम TDS प्रमाणपत्र जारी करने के बदले रकम मांगी थी। शिकायत के अनुसार, संपत्ति का सौदा लगभग 5.04 करोड़ रुपये का था। अधिकारी के कार्यालय और आवास पर तलाशी के दौरान 15 लाख रुपये नकद और अन्य दस्तावेज मिलने की सूचना दी गई।

10 Big Bribery Scandals : 5. गोरखपुर में रेलवे अधिकारी के घर से 2.61 करोड़ रुपये बरामद


तारीख: सितंबर 2023 | राज्य: उत्तर प्रदेश | विभाग: भारतीय रेलवे | एजेंसी: CBI
पूर्वोत्तर रेलवे के तत्कालीन प्रिंसिपल चीफ मैटेरियल मैनेजर केसी जोशी को CBI ने कथित तौर पर तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। आरोप ठेकेदारों से अनुचित लाभ के बदले रिश्वत लेने से जुड़ा था। रिपोर्ट के मुताबिक, तलाशी में उनके आवास से 2.61 करोड़ रुपये नकद मिले। बरामद नकदी और रिश्वत के आरोप अलग-अलग जांच के विषय हैं; बरामदगी अपने आप में दोष सिद्ध नहीं करती।

10 Big Bribery Scandals : 6. पुणे में वरिष्ठ IAS अधिकारी आठ लाख रुपये लेते गिरफ्तार

तारीख: 9 जून 2023 | राज्य: महाराष्ट्र | विभाग: राजस्व एवं भूमि अधिग्रहण | एजेंसी: CBI
पुणे के तत्कालीन अतिरिक्त संभागीय आयुक्त अनिल रामोड को CBI ने कथित तौर पर आठ लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार करने के आरोप में गिरफ्तार किया। मामला राजमार्ग परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजे से संबंधित था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तलाशी में लगभग छह करोड़ रुपये नकद और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिले। यह मामला वरिष्ठ प्रशासनिक पदों पर जवाबदेही को लेकर चर्चा में रहा।

10 Big Bribery Scandals : 7. गांधीनगर में NHAI अधिकारी 10 लाख रुपये लेते गिरफ्तार

तारीख: 15 जुलाई 2022 | राज्य: गुजरात | विभाग: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण | एजेंसी: CBI

NHAI के तत्कालीन मुख्य महाप्रबंधक (तकनीकी) एवं क्षेत्रीय अधिकारी दिग्विजय मिश्रा को CBI ने कथित तौर पर 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। आरोप था कि निजी कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने के बदले रकम स्वीकार की जा रही थी। कार्रवाई के बाद उनके आवासों पर तलाशी ली गई, जहां से 20.5 लाख रुपये नकद बरामद होने की खबर आई।

10 Big Bribery Scandals : 8. पावर ग्रिड के वरिष्ठ अधिकारी और टाटा प्रोजेक्ट्स के कर्मचारी गिरफ्तार

तारीख: 7 जुलाई 2022 | राज्य: हरियाणा सहित कई स्थान | विभाग: बिजली एवं परियोजना ठेके | एजेंसी: CBI

CBI ने पावर ग्रिड कॉरपोरेशन के कार्यकारी निदेशक बीएस झा और टाटा प्रोजेक्ट्स के पांच अधिकारियों को कथित रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किया। आरोप था कि ठेकों से जुड़े बिलों की मंजूरी, बढ़े हुए बिलों और भुगतान संबंधी लाभ के बदले अनुचित रकम दी जा रही थी। रिपोर्ट के अनुसार, झा के गुरुग्राम स्थित आवास से 93 लाख रुपये नकद बरामद हुए।

10 Big Bribery Scandals : 9. बेंगलुरु में NHAI के क्षेत्रीय अधिकारी पर 20 लाख की रिश्वत का मामला

तारीख: 31 दिसंबर 2021 | राज्य: कर्नाटक | विभाग: NHAI | एजेंसी: CBI

CBI ने बेंगलुरु में NHAI के क्षेत्रीय अधिकारी और एक निजी कंपनी से जुड़े चार अधिकारियों सहित पांच लोगों को कथित रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किया। मामला ठेकेदारों के लंबित बिलों को मंजूरी देने और पूरी हो चुकी परियोजनाओं से संबंधित प्रमाणपत्र जारी करने में कथित अनुचित लाभ से जुड़ा था। रिपोर्ट में 20 लाख रुपये के रिश्वत मामले का उल्लेख किया गया।
10 Big Bribery Scandals : 10. ड्रग कंट्रोलर पर चार लाख रुपये की रिश्वत का आरोप

तारीख: 20 जून 2022 | राज्य: दिल्ली | विभाग: केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन | एजेंसी: CBI

CBI ने एक संयुक्त औषधि नियंत्रक और दिल्ली की एक निजी कंपनी के निदेशक को कथित तौर पर चार लाख रुपये की रिश्वत के लेनदेन से जुड़े मामले में हिरासत में लिया था। आरोप था कि एक इंसुलिन इंजेक्शन को नियामकीय मंजूरी दिलाने के लिए अनुचित भुगतान किया जा रहा था। संबंधित कंपनी ने आरोपों को खारिज किया था। यह मामला दवा नियमन और सरकारी मंजूरी की प्रक्रिया में पारदर्शिता के सवालों के कारण चर्चा में आया।

ये भी पढ़िए : Bhrashtachar System Samaj : भ्रष्टाचार में सिस्टम तो डूबा ही है, समाज भी इसकी गिरफ्त में आ गया है; अब बिना रिश्वत काम कराने पर उठते हैं सवाल !

10 Big Bribery Scandals : रिश्वतखोरी के खिलाफ कार्रवाई के साथ सजा भी जरूरी

इन दस मामलों से पता चलता है कि कथित रिश्वतखोरी केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित नहीं रही। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस, रेलवे, राजमार्ग प्राधिकरण, आयकर और अन्य विभागों से जुड़े लोगों के खिलाफ भी जांच एजेंसियों ने कार्रवाई की।

लेकिन गिरफ्तारी, नकदी बरामदगी और आरोपपत्र को दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं माना जा सकता। भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक परिणाम तभी सामने आएंगे जब जांच समय पर पूरी हो, मुकदमों का निपटारा हो और अदालत में दोष सिद्ध होने पर कानून के अनुसार सजा मिले।

The Corruption File की पड़ताल का उद्देश्य केवल गिरफ्तारी की खबरें गिनाना नहीं, बल्कि यह सवाल उठाना है कि सरकारी व्यवस्था में रिश्वत की मांग कैसे रोकी जाए और जनता के प्रति जवाबदेही कैसे सुनिश्चित हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toggle Dark Mode