By- vijay Yadav
Fake e-FDR Case : भोपाल, राजधानी भोपाल में शराब की 2 दुकानों के ठेके के 2 करोड़ 75 लाख रुपये की फर्जी e-FDR लगाए जाने के मामले में लोकायुक्त पुलिस अब मोहित गोगिया से पूछताछ कर सकती है। इस महीने सोशल मीडिया पर वायरल खबरों में मोहित गोगिया के कथित बयान में तत्कालीन सहायक आबकारी अधिकारी और उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के पूर्व ओएसडी रायचुरा को एक करोड़ रुपये रिश्वत देने का आरोप है।
Fake e-FDR Case : आधा रकम नकद और आधी खाते में डालने का दावा
मोहित गोगिया द्वारा शराब दुकान का ठेका दिलाने के बदले 50 लाख रुपये नकद और 50 लाख रुपये बैंक खाते के माध्यम से देने की बात कही गई थी। हालांकि, लोकायुक्त पुलिस ने खुद संज्ञान लेकर जो FIR दर्ज की है उसमें एक करोड़ रुपये की कथित रिश्वत का उल्लेख नहीं है। ऐसे में जांच के दौरान गोगिया के बयान की सत्यता, रकम देने के दावे और कथित लेनदेन से जुड़े साक्ष्यों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी।

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Fake e-FDR Case : जांच में ईडी की एंट्री
विवेचना के दौरान गोगिया से पूछताछ के आधार पर संबंधित खाते में राशि के लेन-देन का विवरण बैंक से मांगा जाएगा। इसमें सत्यता मिली तो इसे भी जोड़ा जाएगा। साथ ही रायचुरा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का केस किया जाएगा। ऐसे में प्रवर्तन निदेशालय यानि ईडी भी जांच करेगा।
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आपको बता दें कि मोहित गोगिया पर दिल्ली सहित कई राज्यों में 15 से अधिक मामलों में ठगी करने का आरोप है। ईडी ने उसे पिछले साल गिरफ्तार किया था। वह अभी तिहाड़ जेल में बंद है। गोगिया 2024 में भोपाल में रहने के दौरान रायचुरा के संपर्क में आया था। रिश्वत के आरोप लगने पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने रायचुरा को अपने ओएसडी के दायित्व से 9 अक्टूबर 2026 को मुक्त कर दिया था।
Fake e-FDR Case : रायचुरा के बयान के बाद दूसरे लोगों से भी पूछताछ
विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त के एक अधिकारी ने जानकारी दी है कि गड़बड़ी में मध्यस्थता करने वाले कुछ निजी लोग और आबकारी विभाग के अधिकारी भी जांच के दायरे में आएंगे। रायचुरा के बयान लेने के बाद इन लोगों के बयान लिए जाएंगे। नवंबर में बयान दर्ज करने की तैयारी है। इसके लिए जल्दी ही संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए जाएंगे। आबकारी विभाग से भी दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। इसी आधार पर FIR में धाराएं बढ़ाई जाएंगी।
