Panipat Bribe Case : पानीपत, हरियाणा के पानीपत में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कार्रवाई करते हुए एक महिला ग्राम सचिव को कथित तौर पर रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला की पहचान ग्राम सचिव किरण के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने एक ठेकेदार के लंबित बिलों को पास करने के बदले एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
मामले की खास बात यह है कि शिकायतकर्ता ठेकेदार राजकुमार महिला ग्राम सचिव को अपनी बहन का दर्जा देता था। वह तीज-त्योहारों पर उसके घर कोथली लेकर भी जाता था। इसके बावजूद आरोप है कि सरकारी काम से जुड़े बिलों को मंजूरी देने के एवज में उससे लगातार पैसों की मांग की जाती रही।
Panipat Bribe Case : पहले भी 7 लाख रुपये लेने का आरोप
शिकायतकर्ता ठेकेदार राजकुमार के अनुसार, महिला ग्राम सचिव पहले भी उसके काम से संबंधित बिलों को पास कराने के नाम पर करीब 7 लाख रुपये ले चुकी थी। इसके बाद भी जब कुछ अन्य बिलों के भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात आई तो कथित तौर पर दोबारा रिश्वत की मांग की गई।
बताया गया कि ठेकेदार के करीब 15 लाख रुपये के बिल लंबित थे। इन बिलों को पास कराने के लिए पहले अधिक रकम की मांग किए जाने की बात सामने आई। बातचीत और शिकायत की प्रक्रिया के बाद कथित रिश्वत की रकम एक लाख रुपये तय हुई।
Panipat Bribe Case : शिकायत मिलने पर ACB ने बनाया प्लान
लगातार रिश्वत की मांग से परेशान ठेकेदार ने मामले की जानकारी एंटी करप्शन ब्यूरो को दी। शिकायत मिलने के बाद ACB अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच और आवश्यक प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद महिला ग्राम सचिव को रिश्वत लेते पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई गई।
तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर महिला ग्राम सचिव के पास भेजा गया। जैसे ही कथित तौर पर किरण ने एक लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार की, ACB की टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम बरामद किए जाने की बात भी सामने आई है। महिला ग्राम सचिव की गिरफ्तारी के बाद ACB ने मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
Panipat Bribe Case : रिश्ते की आड़ में भी नहीं रुकी कथित रिश्वतखोरी
इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा ठेकेदार और महिला ग्राम सचिव के बीच बताए जा रहे पारिवारिक रिश्ते की हो रही है। ठेकेदार का कहना है कि उसने किरण को अपनी बहन माना था और त्योहारों पर भाई होने के नाते उसके घर जाता था। लेकिन सरकारी काम से जुड़े भुगतान के दौरान कथित रूप से रिश्वत की मांग किए जाने से वह परेशान हो गया।
रिश्ते के बावजूद पैसों की मांग किए जाने का आरोप इस पूरे मामले को और भी चर्चा में ले आया है। हालांकि, रिश्वतखोरी के आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।
Panipat Bribe Case : 15 लाख के बिलों को लेकर हुई कार्रवाई
ACB अधिकारियों के मुताबिक, पूरा मामला करीब 15 लाख रुपये के बिलों से जुड़ा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बिल पास कराने के लिए उससे पहले भी बड़ी रकम ली गई थी। अब एक लाख रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए महिला ग्राम सचिव को गिरफ्तार किया गया है।
ACB अब यह भी जांच कर रही है कि इस मामले में महिला ग्राम सचिव के अलावा कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। सरकारी दस्तावेजों, बिलों और लेन-देन से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जा सकती है।
ACB की कार्रवाई के बाद सरकारी महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।
