Sagar Cash Recovery : जांच के घेरे में PWD के रिटायर्ड सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर रमेश अहिरवार
Sagar Cash Recovery : सागर, मध्य प्रदेश के सागर में PWD के रिटायर्ड सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर रमेश अहिरवार से जुड़े आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच एजेंसियों के सामने चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जांच के दौरान 3 करोड़ 2 लाख 14 हजार 500 रुपये की नकदी बरामद की गई। खास बात यह है कि आय से अधिक संपत्ति की FIR दर्ज होने से पहले ही इतनी बड़ी रकम पुलिस के हाथ लग गई थी।
जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई सागर के तिली तिराहा क्षेत्र स्थित एक मकान में हुई। पुलिस यहां सोशल मीडिया पर हथियार के साथ तस्वीर पोस्ट करने वाले सौरभ अहिरवार के घर तलाशी लेने पहुंची थी। तलाशी के दौरान पुलिस की नजर एक अलमारी में रखे कुछ बैगों पर पड़ी। बैग खोले गए तो उनमें बड़ी मात्रा में नकदी मिली।

पुलिस के अनुसार, बरामद रकम 500-500 रुपये के नोटों में थी। नकदी चार ट्रॉली बैग और एक मिड बैग में रखी हुई थी। नोटों की गिनती पूरी करने में करीब 5 से 6 घंटे का समय लगा। जांच के दौरान कुल 60,429 नोट मिलने की बात सामने आई है।
Sagar Cash Recovery : अलमारी के बिल तक पहुंची जांच
मामले में एक अहम कड़ी उस समय सामने आई, जब जांच टीम ने बरामद अलमारी के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। अलमारी के ब्रांड और अन्य विवरण के आधार पर पुलिस ने उसके खरीद रिकॉर्ड की पड़ताल की। जांच टीम सागर के कटरा इलाके तक पहुंची, जहां वर्ष 2025 के खरीद रिकॉर्ड में कथित तौर पर एक अलमारी का बिल मिला।
बताया जा रहा है कि यह बिल रमेश अहिरवार की पत्नी के नाम पर था। इसी वजह से जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद नकदी और अलमारी का आपस में कोई संबंध है या नहीं। हालांकि, इस संबंध की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
Sagar Cash Recovery : सौरभ ने पूछताछ में क्या बताया?
पुलिस पूछताछ में सौरभ अहिरवार ने कथित तौर पर बताया कि करीब 8 से 10 महीने पहले रमेश अहिरवार सागर आए थे। उसके अनुसार, अहिरवार एक अलमारी लेकर आए और उसे उसके घर पर रखवा दिया। इसके साथ चार ट्रॉली बैग और एक मिड बैग भी रखे गए थे।
सौरभ के मुताबिक, उसे बताया गया था कि बैगों में जरूरी दस्तावेज हैं और उन्हें नहीं खोला जाना चाहिए। इसके बाद अलमारी को बंद कर दिया गया। दूसरी ओर, रमेश अहिरवार ने इन दावों से इनकार किया है। उनका कहना है कि सौरभ उनका दूर का रिश्तेदार है, लेकिन उन्होंने उसके घर कोई अलमारी नहीं रखवाई थी। उन्होंने बरामद 3.02 करोड़ रुपये की रकम से भी अपना संबंध होने से इनकार किया है और जांच में सहयोग करने की बात कही है।
Sagar Cash Recovery : तीन एजेंसियां करेंगी रकम की जांच
आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त ने रमेश अहिरवार, उनकी पत्नी और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की है। अब जांच का दायरा नकदी के स्रोत के साथ-साथ अहिरवार की सेवा अवधि के दौरान अर्जित संपत्ति तक पहुंच गया है।
सागर पुलिस ने मामले की रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजी है। बरामद रकम और जांच में सामने आए तथ्यों की जानकारी आर्थिक अपराध शाखा (EOW), लोकायुक्त और आयकर विभाग को भी भेजे जाने की बात सामने आई है।
अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि 3 करोड़ 2 लाख 14 हजार 500 रुपये किसके हैं, रकम का स्रोत क्या है और इतनी बड़ी नकदी को अलमारी में छिपाकर क्यों रखा गया था? जांच में वेतन, बैंक खातों, जमीन-जायदाद, मकान, निवेश और अन्य संपत्तियों का भी मिलान किया जाएगा। फिलहाल पूरे मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
