RTI Application Process :  सरकार सड़क, स्कूल, अस्पताल, पंचायत भवन और दूसरी विकास योजनाओं पर जनता का पैसा खर्च करती है। लेकिन किसी योजना के लिए कितना बजट आया, कितनी राशि खर्च हुई और काम पर वास्तव में कितना पैसा लगाया गया, इसकी जानकारी आम नागरिक कैसे प्राप्त कर सकता है? इसका एक कानूनी

तरीका है सूचना का अधिकार यानी RTI।

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 नागरिकों को सरकारी विभागों के पास उपलब्ध रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जानकारी मांगने का अधिकार देता है। इसका इस्तेमाल करके सरकारी खर्च से जुड़े बिल, भुगतान रिकॉर्ड, स्वीकृत बजट और कार्य संबंधी दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। हालांकि, जानकारी का मिलना संबंधित रिकॉर्ड और कानून में दिए गए अपवादों पर निर्भर करता है। यह जरूरी नहीं कि हर मांगी गई जानकारी बिना किसी प्रतिबंध के मिल जाए।

RTI Application Process :  1. सरकारी खर्च की जानकारी में क्या-क्या मांग सकते हैं?

RTI आवेदन के जरिए किसी खास योजना या सरकारी काम से जुड़े उपलब्ध रिकॉर्ड मांगे जा सकते हैं। उदाहरण के लिए, अगर आपके क्षेत्र में सड़क बनाई गई है, तो आप संबंधित विभाग से पूछने के बजाय उसके रिकॉर्ड की प्रतियां मांग सकते हैं।

RTI Application Process :  आप आवेदन में ये जानकारियां मांग सकते हैं:

RTI Application Process

ध्यान रखें कि RTI के जरिए विभाग से उपलब्ध रिकॉर्ड मांगे जाते हैं। आवेदन में किसी अधिकारी से नई रिपोर्ट बनाने, राय देने या सवाल का विश्लेषण करने की मांग करने के बजाय स्पष्ट दस्तावेज और सूचनाएं मांगना अधिक उपयोगी होता है।

RTI Application Process :  2. सही सरकारी विभाग की पहचान कैसे करें?

आवेदन भेजने से पहले यह पता करना जरूरी है कि संबंधित काम किस विभाग या सरकारी निकाय के अधीन है। गांव की सड़क या पंचायत भवन के मामले में ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, ग्रामीण विकास विभाग या संबंधित निर्माण एजेंसी के पास रिकॉर्ड हो सकता है। शहर की सड़क के लिए नगर निगम, नगर पालिका या संबंधित निर्माण विभाग जिम्मेदार हो सकता है।

RTI आवेदन संबंधित विभाग के लोक सूचना अधिकारी (PIO) के नाम भेजा जा सकता है। केंद्र सरकार के विभागों के लिए केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी (CPIO) होता है, जबकि राज्य और स्थानीय निकायों में संबंधित लोक सूचना अधिकारी से संपर्क करना चाहिए।

गलत विभाग में आवेदन चला जाए तो कानून के तहत उसे संबंधित सार्वजनिक प्राधिकरण को स्थानांतरित किया जा सकता है। फिर भी सही विभाग चुनने से अनावश्यक देरी कम हो सकती है।

RTI Application Process :  3. RTI आवेदन कैसे लिखें?

आवेदन में अपना नाम, संपर्क और डाक पता दें। इसके बाद योजना या काम का नाम, स्थान और संबंधित अवधि स्पष्ट करें। सवाल छोटे, सीधे और रिकॉर्ड-केंद्रित रखें।

उदाहरण के लिए:

“ग्राम पंचायत ___ में वित्तीय वर्ष ___ के दौरान निर्मित सड़क के संबंध में निम्नलिखित सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएं:

  1. सड़क निर्माण की स्वीकृत राशि और स्वीकृति आदेश की प्रति।
  2. जारी कार्यादेश और ठेकेदार के चयन से संबंधित उपलब्ध रिकॉर्ड की प्रति।
  3. अब तक किए गए भुगतान के बिल और भुगतान विवरण की प्रतियां।
  4. संबंधित माप पुस्तिका और कार्य पूर्णता प्रमाणपत्र की प्रति, यदि उपलब्ध हो।”

आवेदन में जानकारी मांगने का कारण बताना आवश्यक नहीं है। यह भी ध्यान रखें कि आवेदन में आधारहीन आरोप लगाने के बजाय तथ्य और दस्तावेज मांगना बेहतर तरीका है।

RTI Application Process :  4. RTI की फीस कितनी है और आवेदन कहां जमा करें?

केंद्र सरकार के विभागों में सामान्य RTI आवेदन शुल्क ₹10 है। गरीबी रेखा से नीचे (BPL) श्रेणी के पात्र आवेदकों को निर्धारित प्रमाण प्रस्तुत करने पर आवेदन शुल्क से छूट मिलती है। दस्तावेजों की प्रतियां लेने के लिए अतिरिक्त शुल्क लग सकता है। केंद्रीय नियमों के तहत सामान्य A4 या A3 आकार के कागज की प्रति के लिए ₹2 प्रति पृष्ठ शुल्क निर्धारित है। राज्य सरकारों के नियमों में शुल्क और भुगतान की प्रक्रिया अलग हो सकती है। इसलिए आवेदन से पहले संबंधित विभाग के नियम जांच लें।

केंद्र सरकार के संबंधित विभागों के लिए ऑनलाइन आवेदन RTI Online पोर्टल पर किया जा सकता है। यह पोर्टल हर राज्य सरकार या स्थानीय निकाय के लिए नहीं है। राज्य के विभागों के लिए संबंधित राज्य के RTI पोर्टल या निर्धारित ऑफलाइन प्रक्रिया का इस्तेमाल करें।

RTI Application Process :  5. जानकारी कितने दिनों में मिलती है?

RTI अधिनियम के तहत सामान्य तौर पर आवेदन प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर सूचना देने या उस पर निर्णय बताने की समय-सीमा है। कुछ परिस्थितियों में अलग समय-सीमा लागू होती है। अगर निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलता या सूचना देने से इनकार किया जाता है, तो आवेदक प्रथम अपील कर सकता है। सामान्यतः यह अपील जवाब मिलने या समय-सीमा समाप्त होने के 30 दिनों के भीतर संबंधित प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के पास की जाती है। अपील की समय-सीमा और प्रक्रिया अपने मामले के अनुसार जांचें।

RTI Application Process :  6. सरकारी खर्च की जांच में RTI कैसे मदद करती है?

RTI से मिले दस्तावेज किसी योजना के स्वीकृत बजट, भुगतान और उपलब्ध कार्य रिकॉर्ड को समझने में मदद कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, रिकॉर्ड में भुगतान दर्ज है, लेकिन मौके पर काम अधूरा दिखाई देता है, तो यह आगे जांच कराने के लिए एक आधार बन सकता है। हालांकि, केवल रिकॉर्ड में अंतर दिखने से अपने आप भ्रष्टाचार साबित नहीं होता। दस्तावेजों की पुष्टि और संबंधित विभाग का पक्ष जानना जरूरी है।

सरकारी खर्च की जानकारी पाने के लिए RTI एक उपयोगी कानूनी माध्यम है। सही विभाग चुनकर, स्पष्ट सवाल पूछकर और दस्तावेजों की प्रतियां मांगकर नागरिक सार्वजनिक धन के इस्तेमाल पर नजर रख सकते हैं। पारदर्शिता की दिशा में पहला कदम है—अनुमान लगाने के बजाय रिकॉर्ड मांगना और तथ्यों की पुष्टि करना।

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