ED cyber fraud case : गोवा में डिजिटल अरेस्ट के जरिए महिला से 2.60 करोड़ रुपये की ठगी की जांच से खुला करोड़ों के लेनदेन का नेटवर्क, 20 राज्यों में दर्ज शिकायतों से जुड़े तार
पणजी | 17 अक्टूबर 2026 करीब 30 हजार करोड़ रुपये के संदिग्ध बैंकिंग लेनदेन से जुड़े साइबर धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान मुकेश कुमार पुखराज जैन उर्फ मुकेश भाई के रूप में हुई है। इस गिरफ्तारी के साथ मामले में अब तक छह लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, जैन को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसे पणजी की विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे 19 अक्टूबर तक ED की हिरासत में भेज दिया है।
ये भी पढ़िए : CBI Defence Bribery Case : ₹500 करोड़ के डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट में रिश्वत का आरोप, CBI ने सरकारी अधिकारी और कंपनी CEO को दबोचा
ED cyber fraud case : कमीशन के बदले साइबर अपराधियों तक पहुंचाता था रकम
जांच एजेंसी को संदेह है कि मुकेश कुमार पुखराज जैन इस नेटवर्क में RTGS एजेंट के तौर पर काम करता था। आरोप है कि वह कमीशन लेकर बिचौलियों के जरिए साइबर अपराधियों से जुड़े बैंक खातों में पैसे जमा कराने की व्यवस्था करता था। ED इस पूरे नेटवर्क में रकम के लेनदेन और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
इस मामले की शुरुआत गोवा पुलिस की उस प्राथमिकी से हुई, जो 9 जून 2025 को दर्ज की गई थी। शिकायत के मुताबिक, गोवा की एक महिला को साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 21 मई से 2 जून 2025 के बीच 2.60 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने के लिए कथित तौर पर मजबूर किया था।
ED cyber fraud case : 400 बैंक खातों में पहुंची ठगी की रकम
ED की जांच में सामने आया कि पीड़िता से ठगी गई रकम करीब 400 बैंक खातों में जमा की गई थी। इसके बाद पैसे को नकदी के रूप में निकाला गया और भारतीय रिजर्व बैंक से लाइसेंस प्राप्त मुद्रा विनिमय केंद्रों के जरिए विदेशी मुद्रा में बदले जाने की बात सामने आई।
एजेंसी के मुताबिक, पैसों के लेनदेन की पड़ताल में जिंस कारोबार, ट्रेडिंग, यात्रा सेवाओं और विदेशी मुद्रा विनिमय से जुड़ी कंपनियों का आपस में जुड़ा नेटवर्क मिला। इन कंपनियों के जरिए 27,850 करोड़ रुपये से अधिक के बैंकिंग लेनदेन किए जाने की जानकारी सामने आई है।
जांच में इन खातों में 2,904 करोड़ रुपये नकद जमा होने का भी पता चला है।
ED cyber fraud case : मशीनों के जरिए जमा किए गए करोड़ों रुपये
ED के मुताबिक, जांच के दौरान अलग-अलग स्थानों पर लगी मशीनों के माध्यम से बड़ी संख्या में नकदी जमा किए जाने के 61,448 लेनदेन सामने आए। इन लेनदेन के जरिए कुल 584.70 करोड़ रुपये जमा किए गए थे।
एजेंसी को इन कंपनियों के बैंक खातों का संबंध 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दर्ज साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी करीब 300 शिकायतों और 163 FIR से भी मिला है। इन शिकायतों और प्राथमिकी में कुल 417.49 करोड़ रुपये की ठगी की सूचना दर्ज है।
ED cyber fraud case : गोवा और मुंबई में छापेमारी, 3.25 करोड़ रुपये नकद जब्त
इस मामले में ED ने जुलाई में गोवा और मुंबई में दो चरणों में तलाशी अभियान चलाया था। इसके बाद 21 अगस्त को भी तलाशी ली गई। एजेंसी के अनुसार, इस कार्रवाई के दौरान करीब 3.25 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए।
जांच में कथित तौर पर ऐसी फर्जी या मुखौटा कंपनियों का भी पता चला, जिनके निदेशक के रूप में ड्राइवरों और कर्मचारियों को नामित किया गया था। बताया गया कि इनमें से कुछ लोग एक कमरे के आवास में रहते थे। ED इस पहलू की जांच कर रही है कि इन कंपनियों का इस्तेमाल संदिग्ध वित्तीय लेनदेन को अंजाम देने के लिए किस तरह किया गया।
फिलहाल एजेंसी की जांच का दायरा बैंक खातों, कंपनियों, बिचौलियों और रकम के अंतिम लाभार्थियों तक फैला हुआ है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और सबूतों पर निर्भर करेगी।
