CBI Action on Corruption : मुंबई, रायगढ़ महाराष्ट्र में कथित रिश्वतखोरी के एक बड़े मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग से जुड़े एक अधीक्षक और एक कंसल्टेंट को गिरफ्तार किया है। दोनों पर एक निजी रियल्टी कंपनी से कथित तौर पर करीब एक करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। मामला रायगढ़ जिले के न्यू पनवेल इलाके से जुड़ा बताया जा रहा है।
सीबीआई के अनुसार, इस मामले में एक निजी रियल्टी कंपनी के प्रोजेक्ट हेड की शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि विभागीय अधिकारी ने कंपनी के प्रोजेक्ट से संबंधित जरूरी अनुमति और अन्य प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने के एवज में बड़ी रकम की मांग की।

CBI Action on Corruption : NOC और फ्लैट सौंपने के बदले मांगी रकम
जांच एजेंसी के मुताबिक, न्यू पनवेल के सेक्टर-17 में एक रियल्टी कंपनी दो इमारतों के पुनर्निर्माण से संबंधित काम कर रही थी। इसी प्रोजेक्ट के सिलसिले में CGST और केंद्रीय उत्पाद शुल्क आयुक्त कार्यालय से जुड़ी कुछ औपचारिकताओं और अनुमति की आवश्यकता थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि CGST अधीक्षक पंकज कुमार ने कथित तौर पर NOC जारी करने और पुनर्निर्माण से जुड़े फ्लैट सौंपने की प्रक्रिया के बदले एक करोड़ रुपये की मांग की।
सीबीआई ने शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की। एजेंसी के अनुसार, कथित रिश्वत की मांग को लेकर जांच आगे बढ़ाई गई और इसके बाद दोनों आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
CBI Action on Corruption : रिश्वत की रकम को लेकर क्या आरोप हैं?
सीबीआई प्रवक्ता के अनुसार, जांच के दौरान 10 सितंबर को कथित तौर पर 10 लाख रुपये नकद देने की मांग सामने आई। इसके अलावा आरोप है कि अधिकारी ने अपने द्वारा खरीदे गए एक फ्लैट के अग्रिम भुगतान के तौर पर 20 लाख रुपये की रकम मांगी।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि करीब 70 लाख रुपये की अतिरिक्त रकम नई दिल्ली में मौजूद अन्य अधिकारियों के लिए मांगी गई थी। इस तरह शिकायत में सामने आई कथित मांग की कुल रकम करीब एक करोड़ रुपये बताई गई।
हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। आरोपितों को दोषी साबित होने तक कानून के अनुसार निर्दोष माना जाएगा।
CBI Action on Corruption : CBI ने दोनों को किया गिरफ्तार
सीबीआई ने मामले में कार्रवाई करते हुए गुरुवार को CGST अधीक्षक और संबंधित कंसल्टेंट को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद दोनों को शुक्रवार को संबंधित अदालत के समक्ष पेश किया गया।
अदालत ने दोनों आरोपितों को दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया। अब जांच एजेंसी कथित रिश्वत मांगने के पूरे नेटवर्क, रकम के इस्तेमाल और मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका समेत दूसरे पहलुओं की जांच कर सकती है।
CBI Action on Corruption : जांच में सामने आ सकते हैं और तथ्य
एक करोड़ रुपये की कथित रिश्वत की मांग से जुड़ा यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें सरकारी विभाग से जुड़े अधिकारी पर निजी रियल्टी प्रोजेक्ट से संबंधित काम के बदले बड़ी रकम मांगने का आरोप है।
सीबीआई अब शिकायत में लगाए गए आरोपों के अलावा उपलब्ध दस्तावेजों, बातचीत और वित्तीय लेनदेन समेत अन्य साक्ष्यों की जांच कर सकती है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित रिश्वत की मांग किस स्तर तक थी और इसमें अन्य लोगों की कोई भूमिका थी या नहीं।
फिलहाल मामले में सीबीआई की कार्रवाई जारी है और दोनों आरोपित पुलिस कस्टडी में हैं। आगे की स्थिति अदालत में होने वाली सुनवाई और जांच एजेंसी द्वारा जुटाए जाने वाले साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।
