BY: DIGITAL DESK

CVC Report on Corruption : नई दिल्ली। सरकारी विभागों और संस्थाओं में भ्रष्टाचार को लेकर केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) की वार्षिक रिपोर्ट ने चिंता बढ़ाने वाली तस्वीर सामने रखी है। रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2025 के दौरान सरकारी संस्थाओं के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़ी 70,500 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें सबसे ज्यादा शिकायतें बैंकों और रेलवे से संबंधित रहीं।

रिपोर्ट के अनुसार, प्राप्त शिकायतों में से 31 दिसंबर 2025 तक 64,905 मामलों का निपटारा किया जा चुका था। हालांकि, साल के अंत तक हजारों शिकायतें अभी भी लंबित थीं। आंकड़ों के मुताबिक कुल 5,679 शिकायतों पर जांच या कार्रवाई पूरी नहीं हुई थी। इनमें 2,002 शिकायतें ऐसी थीं, जो तीन महीने से ज्यादा समय से लंबित थीं।

CVC Report on Corruption : तीन महीने में जांच पूरी करने की जिम्मेदारी

केंद्रीय सतर्कता आयोग के तहत काम करने वाले मुख्य सतर्कता अधिकारियों (CVO) से अपेक्षा की जाती है कि भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों की जांच और कार्रवाई को तीन महीने के भीतर पूरा किया जाए। आयोग लंबित शिकायतों की स्थिति पर समय-समय पर नजर रखता है और संबंधित अधिकारियों के साथ इसकी समीक्षा भी करता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि शिकायतों के जल्द निपटारे के लिए सतर्कता अधिकारियों के स्तर पर लगातार निगरानी जरूरी है। लंबित मामलों को कम करना भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।

CVC Report on Corruption

CVC Report on Corruption : बैंकों के खिलाफ सबसे ज्यादा शिकायतें

आंकड़ों पर नजर डालें तो बैंकों से संबंधित शिकायतों की संख्या सबसे अधिक रही। बैंकों के मुख्य सतर्कता अधिकारियों को कुल 9,933 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 9,520 शिकायतों का निपटारा कर दिया गया, जबकि 413 शिकायतें लंबित थीं। इनमें 52 शिकायतें तीन महीने से अधिक समय से लंबित पाई गईं।

रेलवे भी शिकायतों के मामले में प्रमुख विभागों में शामिल रहा। रेलवे से संबंधित CVO के पास 9,381 शिकायतें पहुंचीं। इनमें से 8,754 मामलों का निपटारा किया गया, जबकि 627 शिकायतें साल के अंत तक लंबित थीं। हालांकि, इनमें केवल 10 शिकायतें ऐसी थीं जो तीन महीने से ज्यादा समय से लंबित थीं।

CVC Report on Corruption : आवास और शहरी मामलों से जुड़ी हजारों शिकायतें

केंद्रीय सतर्कता आयोग की रिपोर्ट में आवास और शहरी मामलों से जुड़े विभागों का आंकड़ा भी सामने आया है। इस क्षेत्र से संबंधित कुल 6,531 शिकायतें प्राप्त हुईं।

वहीं, दिल्ली सरकार को छोड़कर स्थानीय निकायों के खिलाफ 4,834 शिकायतें दर्ज की गईं। दिल्ली सरकार से संबंधित शिकायतों की संख्या 2,804 रही। इसके अलावा दिल्ली पुलिस के खिलाफ भी भ्रष्टाचार से जुड़ी 2,633 शिकायतें प्राप्त हुईं।

CVC Report on Corruption : शिकायतों का निपटारा बड़ी चुनौती

CVC के आंकड़े यह बताते हैं कि भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतों की संख्या काफी अधिक है। हालांकि, बड़ी संख्या में शिकायतों का समय पर निपटारा किया गया, लेकिन हजारों मामलों का लंबित रहना प्रशासनिक व्यवस्था के लिए चुनौती बना हुआ है।

विशेषज्ञों के अनुसार, भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों की जांच में तेजी लाने के साथ-साथ शिकायतों की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई भी जरूरी है। इससे न केवल भ्रष्टाचार के मामलों पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है, बल्कि सरकारी संस्थाओं के प्रति लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा।

CVC की रिपोर्ट ऐसे समय में सामने आई है जब पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सरकारी संस्थाओं पर लगातार निगरानी बढ़ाने की मांग होती रही है। शिकायतों की संख्या और उनके निपटारे के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी व्यवस्था सक्रिय है, लेकिन लंबित मामलों को कम करना अभी भी एक महत्वपूर्ण चुनौती है।

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