Eric Ulrich Bribery Case : न्यूयॉर्क, अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में भ्रष्टाचार से जुड़े एक चर्चित मामले की सुनवाई शुरू हो गई है। क्वींस के पूर्व सिटी काउंसिल सदस्य और शहर के भवन विभाग के पूर्व आयुक्त एरिक उलरिच पर 1.5 लाख डॉलर से अधिक की रिश्वत और अन्य लाभ लेने के आरोप हैं। अभियोजन पक्ष का दावा है कि उन्होंने अपने सरकारी पद और राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कुछ कारोबारियों को फायदा पहुंचाने के लिए किया। हालांकि, उलरिच के वकील ने रिश्वत लेने के आरोपों से इनकार किया है।
क्वींस डेली ईगल की 20 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, मामले की शुरुआती सुनवाई सोमवार को मैनहैटन में हुई। अभियोजन पक्ष ने अपनी दलीलें पेश कीं और शुरुआती गवाहों को अदालत के सामने रखा। इस मामले में अंतिम फैसला जूरी नहीं, बल्कि न्यायाधीश डैनियल कॉनवाइजर करेंगे, क्योंकि उलरिच और उनके सह-आरोपी माइकल मैजियो ने जूरी के बिना मुकदमा चलाने का अनुरोध किया था।

Eric Ulrich Bribery Case : एरिक उलरिच पर क्या हैं आरोप?
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, उलरिच ने सिटी काउंसिल सदस्य और बाद में मेयर एरिक एडम्स के प्रशासन में अधिकारी रहते हुए कुछ कारोबारियों से नकदी और अन्य लाभ लिए। आरोप है कि इसके बदले उन्होंने सरकारी कामकाज में मदद पहुंचाने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया।
उलरिच मई 2022 से नवंबर 2022 तक न्यूयॉर्क शहर के भवन विभाग (Department of Buildings) के आयुक्त रहे थे। इससे पहले वह 2009 से 2021 तक सिटी काउंसिल के सदस्य थे और 2022 में कुछ समय तक मेयर के विशेष सलाहकार के रूप में भी काम कर चुके थे।
अभियोजन पक्ष का दावा है कि कथित लाभों में नकदी के अलावा लगभग 10,000 डॉलर मूल्य के न्यूयॉर्क मेट्स बेसबॉल टीम के सीजन टिकट भी शामिल थे। जांचकर्ताओं के अनुसार, इन लाभों के बदले भवन निरीक्षण में तेजी लाने, कारोबारी समस्याओं को सुलझाने और सरकारी नौकरी से जुड़े मामलों में मदद करने जैसे काम किए जाने के आरोप हैं।
Eric Ulrich Bribery Case : कारोबारियों से संबंध और सरकारी काम में मदद के आरोप
अभियोजन पक्ष ने माइकल मैजियो को उलरिच का सह-आरोपी बताया है। मैजियो की कंपनी, Mike’s Heavy Duty Towing, से जुड़ी लाइसेंस संबंधी समस्या सुलझाने के बदले उन्हें मेट्स के सीजन टिकट दिए जाने का आरोप है।
अभियोजन पक्ष ने जोसेफ लिवरेरी और एंथनी लिवरेरी नाम के कारोबारियों का भी जिक्र किया। आरोप है कि उलरिच ने उनके कारोबारी हितों से जुड़े मामलों में सहायता की। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, इन कथित मददों में भवन निरीक्षण की प्रक्रिया तेज करना, एक स्वच्छता कार्यक्रम की निविदा प्रक्रिया में देरी कराने की कोशिश और एक कारोबारी की बेटी को सुधार विभाग में विश्लेषक की नौकरी दिलाने के लिए प्रभाव का इस्तेमाल करना शामिल था।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में कहा कि वित्तीय रिकॉर्ड, ईमेल और रिकॉर्ड की गई फोन बातचीत सहित कई तरह के साक्ष्य पेश किए जाएंगे। उसका दावा है कि इनसे कथित लेन-देन और सरकारी फैसलों के बीच संबंध स्पष्ट होगा।
Eric Ulrich Bribery Case : बचाव पक्ष ने क्या कहा?
उलरिच के वकील डेविड कोहेन ने अभियोजन पक्ष के आरोपों को चुनौती दी। उनका कहना है कि उलरिच और संबंधित कारोबारियों के बीच लंबे समय से दोस्ताना संबंध थे और चुनावी राजनीति के दौरान भी वे उनके समर्थक रहे थे।
बचाव पक्ष के मुताबिक, उलरिच को दी गई रकम दोस्तों के बीच आर्थिक मदद या उपहार थी, न कि सरकारी काम कराने के बदले दी गई रिश्वत। वकील ने यह भी दलील दी कि किसी जनप्रतिनिधि का अपने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं में मदद करना अपने आप में भ्रष्टाचार नहीं माना जा सकता।
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मैजियो के वकील जेम्स फ्रोकारो ने भी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल और उलरिच के परिवारों के बीच पुराने संबंध थे। बचाव पक्ष का कहना है कि अभियोजन पक्ष रिश्वत का आरोप उचित संदेह से परे साबित नहीं कर पाएगा।
Eric Ulrich Bribery Case : जुआ खेलने और पैसों की जरूरत का भी जिक्र
अभियोजन पक्ष ने अदालत में उलरिच की कथित जुए की आदत और आर्थिक परेशानियों का भी उल्लेख किया। उसका दावा है कि उलरिच की जुए में होने वाली बड़ी रकम की हानि ने उन्हें कारोबारियों से आर्थिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। रिपोर्ट के अनुसार, उलरिच के वकील ने उनकी जुए से जुड़ी समस्या को स्वीकार किया, लेकिन इसे रिश्वत लेने का प्रमाण मानने से इनकार किया।
उलरिच ने नवंबर 2022 में भवन विभाग के आयुक्त पद से इस्तीफा दिया था। यह कदम उनके घर और फोन की तलाशी से जुड़ी जांच के दौरान सामने आया था।
Eric Ulrich Bribery Case : मामले में आगे क्या होगा?
अब मुकदमे में अभियोजन पक्ष के साक्ष्य और गवाहों की जांच होगी, जिसके बाद बचाव पक्ष अपनी दलीलें रखेगा। अदालत को यह तय करना होगा कि प्रस्तुत साक्ष्य आरोपों को कानूनी रूप से साबित करते हैं या नहीं।
यह मामला बताता है कि सरकारी पद के इस्तेमाल और निजी लाभ के बीच संबंध साबित करने के लिए जांच एजेंसियां वित्तीय रिकॉर्ड, संदेशों और सरकारी निर्णयों की पड़ताल करती हैं। लेकिन अदालत के अंतिम फैसले से पहले आरोपों को सिद्ध अपराध नहीं माना जा सकता।
