Junior Engineer Corruption : समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर जिला परिषद में कार्यरत कनीय अभियंता दीपक कुमार पंडित को लेकर विवाद सामने आया है। जिला परिषद के कई पार्षदों ने उनके कामकाज पर सवाल उठाते हुए उपविकास आयुक्त (DDC) सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी को लिखित शिकायत दी है। पार्षदों ने कनीय अभियंता पर भ्रष्टाचार, मनमानी और जनप्रतिनिधियों के साथ दुर्व्यवहार करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

शिकायत में पार्षदों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने विकास योजनाओं के काम में परेशानी का हवाला देते हुए संबंधित क्षेत्रों में किसी दूसरे कनीय अभियंता की प्रतिनियुक्ति किए जाने की मांग भी रखी है।

Junior Engineer Corruption : जियो-टैगिंग के लिए 5 हजार रुपये मांगने का आरोप

पार्षदों की ओर से दिए गए आवेदन में कनीय अभियंता पर विकास योजनाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं के लिए कथित तौर पर पैसे मांगने का आरोप लगाया गया है। शिकायत के मुताबिक किसी योजना की शुरुआत से पहले जियो-टैगिंग कराने के नाम पर 5 हजार रुपये और मेजरमेंट बुक में काम दर्ज करने के समय 10 हजार रुपये की कथित मांग की जाती है।

पार्षदों का कहना है कि इस तरह की कथित मांगों के कारण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में परेशानी हो रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

Junior Engineer Corruption : पसंदीदा वेंडरों को लेकर भी शिकायत

शिकायत में कनीय अभियंता पर योजनाओं में अपने पसंदीदा वेंडरों के वाउचर लगाए जाने का आरोप भी लगाया गया है। पार्षदों ने इस संबंध में जांच कराने की मांग की है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि विकास कार्यों से जुड़े भुगतान और दस्तावेज निर्धारित नियमों के अनुसार हैं या नहीं।

पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि कनीय अभियंता जनप्रतिनिधियों के फोन का जवाब नहीं देते और बातचीत के दौरान उचित व्यवहार नहीं करते। उनका कहना है कि इससे जनप्रतिनिधियों और विभागीय स्तर पर समन्वय प्रभावित हो रहा है।

Junior Engineer Corruption : विकास कार्य और बिल भुगतान प्रभावित होने का दावा

शिकायतकर्ताओं के अनुसार, कई योजनाओं को समय पर पूरा नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा कुछ विकास कार्यों से संबंधित बिलों के लंबित रहने का भी आरोप लगाया गया है। पार्षदों का दावा है कि इसके कारण उनके क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

मामले को लेकर जिला परिषद के कई सदस्य एकजुट होकर DDC के पास पहुंचे। शिकायत करने वालों में क्षेत्र संख्या 12 के धर्मेंद्र पासवान, क्षेत्र संख्या 14 के अवध कुमार, क्षेत्र संख्या 09 के ठाकुर उदय शंकर और ताजपुर क्षेत्र संख्या 01 की पार्षद मंजू देवी सहित अन्य प्रतिनिधियों के नाम शामिल हैं।

Junior Engineer Corruption : जांच के बाद साफ होगी आरोपों की सच्चाई

पार्षदों ने DDC से मांग की है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष तरीके से जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

इसके साथ ही पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्रों में विकास योजनाओं के काम को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने के लिए किसी अन्य कनीय अभियंता को जिम्मेदारी देने की मांग की है।

फिलहाल मामला शिकायत और आरोपों के स्तर पर है। कनीय अभियंता दीपक कुमार पंडित की ओर से इन आरोपों पर कोई पक्ष सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में शिकायत की जांच और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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