Maharashtra CBI Bribery Case : महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिश्वतखोरी के एक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने कथित तौर पर 50 लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) के एक कार्यकारी अभियंता समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। मामला मुंबई के वडाला इलाके में स्थित एक भूखंड से संबंधित अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने से जुड़ा बताया जा रहा है।

Maharashtra CBI Bribery Case : CBI की कार्रवाई के बाद मामले में सरकारी अधिकारी के साथ-साथ निजी कंपनियों से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। गिरफ्तार किए गए लोगों में CPWD के कार्यकारी अभियंता विक्रांत वर्मा और उनके रिश्तेदार सौरव गुप्ता शामिल हैं। इसके अलावा बाया ग्रुप ऑफ कंपनीज के उपाध्यक्ष अरविंद सेमवाल, प्रबंधक चेतन महाजन और रेनेसां फर्म के साझेदार अनिल देशमुख को भी गिरफ्तार किया गया है।

Maharashtra CBI Bribery Case : NOC के बदले एक करोड़ रुपये मांगने का आरोप

मामला मुंबई के वडाला क्षेत्र में एक भूखंड से जुड़ा है। FIR में दर्ज आरोपों के मुताबिक, संबंधित जमीन के लिए CPWD की ओर से NOC की जरूरत थी। इस प्रमाण पत्र के जरिए यह स्पष्ट किया जाना था कि संबंधित भूखंड पर CPWD का कोई दावा या आपत्ति नहीं है।

CBI के अनुसार, इसी NOC को जारी करने के बदले कथित तौर पर एक करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। बाद में बातचीत के बाद रिश्वत की रकम 70 लाख रुपये पर तय होने का आरोप है। जांच एजेंसी ने इस मामले में शिकायत और उपलब्ध जानकारी के आधार पर कार्रवाई की।

Maharashtra CBI Bribery Case : एक अक्टूबर को CBI ने बिछाया जाल

CBI ने मामले की जांच के दौरान एक अक्टूबर को कथित रिश्वत लेनदेन को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। एजेंसी के मुताबिक, कार्यकारी अभियंता के रिश्तेदार सौरव गुप्ता को 50 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।

कार्रवाई के बाद जांच का दायरा बढ़ाते हुए CBI ने CPWD के कार्यकारी अभियंता विक्रांत वर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया। उन्हें नवी मुंबई के वाशी इलाके में कथित तौर पर रिश्वत की रकम का इंतजार करते हुए पकड़े जाने की बात सामने आई है।

इस कार्रवाई के दौरान CBI ने मामले से जुड़े अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित रिश्वतखोरी की पूरी प्रक्रिया में किसकी क्या भूमिका थी और रकम के लेनदेन में कौन-कौन शामिल था।

Maharashtra CBI Bribery Case : तलाशी में नकदी और दस्तावेज बरामद

गिरफ्तारियों के बाद CBI ने आरोपियों से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान एजेंसी को कथित तौर पर 50 लाख रुपये की रिश्वत की रकम के अलावा करीब 53.87 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी भी मिली।

इसके साथ ही जांच अधिकारियों को संपत्ति से संबंधित कुछ दस्तावेज भी बरामद होने की जानकारी दी गई है। बरामद दस्तावेजों और नकदी को जांच का हिस्सा बनाया गया है। CBI अब इन संपत्तियों और पैसों के स्रोत तथा मामले से उनके संबंध की जांच कर रही है।

Maharashtra CBI Bribery Case : NOC प्रक्रिया भी जांच के दायरे में

यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें सरकारी विभाग से संबंधित NOC जारी करने की प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं। किसी जमीन पर सरकारी विभाग का दावा या अधिकार नहीं होने की पुष्टि के लिए NOC महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है। ऐसे में इस प्रमाण पत्र को जारी करने के बदले कथित रिश्वत मांगने के आरोपों की जांच CBI कर रही है।

फिलहाल मामले में गिरफ्तार सभी लोगों के खिलाफ जांच आगे बढ़ रही है। CBI आरोपों से जुड़े दस्तावेज, पैसों के लेनदेन और संबंधित पक्षों के बीच संपर्क की जानकारी जुटा रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि, गिरफ्तार किए गए लोगों पर लगे आरोप अभी जांच के अधीन हैं और अदालत में आरोप साबित होना बाकी है। CBI की कार्रवाई को मामले की जांच के दौरान सामने आए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर देखा जा रहा है।

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