नई दिल्ली। कांग्रेस ने महाराष्ट्र कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (MH-CET) में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का कहना है कि देश की शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार गहराई तक फैला हुआ है और पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा केवल सुधार की दिशा में पहला कदम है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर महाराष्ट्र के इंजीनियरिंग प्रवेश से जुड़ी एक मीडिया रिपोर्ट साझा करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता गंभीर संकट में है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों से MH-CET के परिणामों और कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा के अंकों के बीच असामान्य अंतर देखने को मिल रहा है।
बोर्ड में कमजोर, MH-CET में टॉपर बनने पर उठाए सवाल
जयराम रमेश ने कहा कि कई ऐसे छात्र MH-CET में शीर्ष स्थान हासिल कर रहे हैं, जिनका बोर्ड परीक्षा में प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह किसी संगठित साजिश का हिस्सा है या फिर कोचिंग संस्कृति और परीक्षा प्रणाली में बढ़ती खामियों का परिणाम है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की।
परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग
कांग्रेस का कहना है कि केवल किसी एक मंत्री के इस्तीफे से समस्या का समाधान नहीं होगा। पार्टी ने आरोप लगाया कि पेपर लीक, परीक्षा केंद्रों में कथित हेरफेर और शिक्षा व्यवस्था में बढ़ती अनियमितताओं ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है। कांग्रेस ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और जवाबदेही तय करने की मांग की।
वायरल ऑडियो से बढ़ा विवाद
MH-CET विवाद उस समय और गहरा गया जब सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो वायरल हुआ, जिसमें 12 लाख रुपये लेकर ‘स्पेशल परीक्षा केंद्र’ उपलब्ध कराने का दावा किया गया। इस मामले में महाराष्ट्र सीईटी सेल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और जांच जारी है।
