Rajauli Toilet Scam : नवादा/रजौली: नवादा जिले के रजौली प्रखंड में शौचालय निर्माण के लिए मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के वितरण को लेकर विवाद गहरा गया है। पंचायत प्रतिनिधियों के एक समूह ने योजना के क्रियान्वयन में कथित अनियमितता, दोबारा भुगतान और रिश्वतखोरी के आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर रजौली प्रखंड मुखिया संघ ने संबंधित अधिकारियों से जांच कराने की मांग की है।
मुखिया संघ के अध्यक्ष एवं हरदिया पंचायत के मुखिया पिंटू साव के नेतृत्व में कई पंचायतों के प्रतिनिधियों ने प्रखंड समन्वयक सतीश कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। प्रतिनिधियों का आरोप है कि लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत शौचालय निर्माण की प्रोत्साहन राशि बांटने में नियमों का पालन नहीं किया गया।
Rajauli Toilet Scam : डीएम और डीडीसी से जांच की मांग
मुखिया संघ की ओर से तैयार शिकायत में मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने के साथ-साथ संबंधित अधिकारी के तबादले और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है। संघ ने अपनी शिकायत उप विकास आयुक्त, नवादा को भेजी है। इसकी प्रतियां जिलाधिकारी, रजौली एसडीएम और प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी दिए जाने की बात कही गई है।
शिकायत पर रजौली प्रखंड की अलग-अलग पंचायतों के कई जनप्रतिनिधियों के हस्ताक्षर होने की जानकारी दी गई है। इनमें रजौली पूर्वी, लेंगुरा, सवैयाटांड़, अमावां पूर्वी, मुरहेना, बहादुरपुर, चितरकोली, रजौली पश्चिमी और फरकाबुजुर्ग पंचायतों के प्रतिनिधि शामिल बताए गए हैं।
Rajauli Toilet Scam : एक परिवार में दो लाभुकों के नाम भुगतान का आरोप
मुखिया संघ ने शिकायत में दावा किया है कि कुछ मामलों में एक ही परिवार के पति और पत्नी के नाम पर शौचालय निर्माण की प्रोत्साहन राशि जारी की गई। इसके अलावा कुछ ऐसे मामलों का भी आरोप लगाया गया है, जहां मौके पर निर्माण नहीं होने के बावजूद कागजी प्रक्रिया के आधार पर भुगतान किया गया।
प्रतिनिधियों के अनुसार, अमावां पूर्वी और जोगियामारण पंचायत से संबंधित कुछ दस्तावेज शिकायत के साथ अधिकारियों को उपलब्ध कराए गए हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर कथित दोहरे और गलत भुगतान की जांच कराने की मांग की गई है।
Rajauli Toilet Scam : स्वच्छता पर्यवेक्षकों को धमकाने का भी आरोप
शिकायत में यह आरोप भी लगाया गया है कि योजना से जुड़े कुछ स्वच्छता पर्यवेक्षकों ने जब कथित अनियमितताओं का विरोध किया तो उन्हें पद से हटाने की धमकी दी गई। मुखिया संघ का दावा है कि लाभुकों और संबंधित कर्मियों के बीच बिचौलियों के जरिए पैसे के लेनदेन की शिकायतें भी सामने आई हैं।
पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि उन्होंने अपने स्तर पर मामले में जानकारी जुटाकर संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसी वजह से उन्होंने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
Rajauli Toilet Scam : जांच के बाद ही स्थिति होगी स्पष्ट
फिलहाल पूरे मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक जांच और सत्यापन होना बाकी है। मुखिया संघ द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि योजना की राशि के वितरण में वास्तव में किस स्तर पर और कितनी अनियमितता हुई है। संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
