Uttarakhand Vigilance : हरिद्वार/मंगलौर। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में विजिलेंस की कार्रवाई के दौरान रिश्वतखोरी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। मंगलौर क्षेत्र में तैनात क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी कुलदीप कुमार को कथित तौर पर 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। विजिलेंस टीम को देखते ही अधिकारी ने कथित रूप से घूस की रकम छिपाने की कोशिश की और खुद को कार्यालय के शौचालय में बंद कर लिया।

Uttarakhand Vigilance : मामला आर्थिक प्रोत्साहन राशि से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, मंगलौर क्षेत्र के मुंडियाकी गांव निवासी जोगिंदर ने विजिलेंस विभाग से शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि शासन स्तर से स्वीकृत 1.12 लाख रुपये की आर्थिक प्रोत्साहन राशि जारी कराने के बदले क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी कुलदीप कुमार कथित तौर पर 50 प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहे थे।

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Uttarakhand Vigilance : शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने मामले की जांच शुरू की। सोमवार को टीम कुलदीप कुमार के कार्यालय पहुंची, लेकिन उस समय अधिकारी एक बैठक के लिए बाहर गया हुआ था। इसके बाद टीम ने अपनी कार्रवाई आगे बढ़ाई और मंगलवार को कथित रिश्वत लेन-देन के दौरान अधिकारी को पकड़ने की कार्रवाई की।

Uttarakhand Vigilance : बताया गया कि जैसे ही शिकायतकर्ता ने कुलदीप कुमार को 35 हजार रुपये दिए, विजिलेंस टीम वहां पहुंच गई। टीम को देखते ही अधिकारी कथित तौर पर कार्यालय की ऊपरी मंजिल की ओर भागा। इसके बाद उसने खुद को शौचालय के अंदर बंद कर लिया। आरोप है कि उसने रिश्वत में ली गई रकम को शौचालय की सीट से जुड़े पाइप में छिपा दिया।

Uttarakhand Vigilance : विजिलेंस टीम ने जब अधिकारी की तलाशी ली तो उसके पास रिश्वत की रकम नहीं मिली। इसके बाद कार्यालय परिसर और शौचालय की भी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान शौचालय के पाइप से कथित तौर पर 35 हजार रुपये बरामद कर लिए गए। कार्रवाई के बाद आरोपी अधिकारी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

Uttarakhand Vigilance : विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, मामले में केवल रिश्वत की रकम की बरामदगी तक कार्रवाई सीमित नहीं है। आरोपी अधिकारी की संपत्ति और उससे जुड़े अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। कुलदीप कुमार लक्सर क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है और करीब डेढ़ महीने पहले ही उसकी नारसन ब्लॉक में तैनाती हुई थी।

इसी कार्रवाई के दौरान विजिलेंस टीम ने एक अन्य सरकारी कर्मचारी को भी कथित रिश्वत लेते पकड़ा। खानपुर ब्लॉक में तैनात सहायक कृषि अधिकारी हरिओम यादव पर कृषि यंत्र खरीदने के लिए मिलने वाली सरकारी सब्सिडी की फाइल आगे बढ़ाने के बदले 10 हजार रुपये मांगने का आरोप था।

Uttarakhand Vigilance : बताया गया कि कान्हावाली गांव के एक युवक ने हरिओम यादव के खिलाफ विजिलेंस में शिकायत की थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, उसके भाई ने कृषि यंत्र खरीदने के लिए विभागीय सब्सिडी का लाभ लेने के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि संबंधित अधिकारी ने प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत की मांग की।

Uttarakhand Vigilance : शिकायत के आधार पर विजिलेंस टीम ने कार्रवाई की और मंगलवार सुबह लक्सर में केवी इंटर कॉलेज के पास किराये के मकान में रह रहे हरिओम यादव को कथित तौर पर 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया।

दो अलग-अलग मामलों में हुई इस कार्रवाई ने सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी के खिलाफ विजिलेंस की सक्रियता को फिर सामने ला दिया है। दोनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अंतिम दोषसिद्धि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगी।

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